हरियाणा के लाखों लोग अगले कुछ दिनों में अपनी सुबह की चाय के साथ धुंध में घुलते हुए देखेंगे कि उनकी सांसें हवा में धुंधली हो रही हैं। महेंद्रगढ़ में 17 नवंबर को 6.9°C का रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया था — इस सीजन का सबसे ठंडा अनुभव। लेकिन अब वो रिकॉर्ड टूटने को तैयार है। 29 नवंबर 2025 को राज्य का सबसे ठंडा दिन आएगा, जब न्यूनतम तापमान 5°C तक गिर सकता है। और ये सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि एक ऐसा मौसमी जाल है जिसमें धुंध, प्रदूषण और वायु की शांति एक साथ मिल गई है।
क्यों बढ़ रहा है स्मोग?
मौसम विभाग के अनुसार, नमी की बढ़ती मात्रा और हवाओं का रुकना दोनों कारण हैं। सुबह के समय जब जमीन ठंडी होती है, तो हवा में फंसी हुई धूल, धुएं और वाहनों के निकास गैसों का मिश्रण एक गाढ़ी धुंध बन जाता है। यही हिसार, सिरसा और पलवल के क्षेत्रों में स्मोग कहलाता है। डॉ. मदन खीचड़, चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष, बताते हैं: "ये स्मोग सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि हमारे शहरों के वायु गुणवत्ता का एक चेतावनी संकेत है।" वे जोड़ते हैं कि 21 नवंबर तक रात का तापमान 8°C से नीचे जाने की संभावना है — जो एक ऐसा स्तर है जहां फसलों पर भी नुकसान हो सकता है।
कौन सा जिला कितना ठंडा है?
हरियाणा का मौसम एक अजीब अंतर के साथ आ रहा है। उत्तरी जिलों जैसे महेंद्रगढ़ और कुरुक्षेत्र में रातें बर्फ जैसी ठंडी हो रही हैं, जबकि दक्षिण में पलवल अभी भी तापमान 14-16°C के आसपास बना हुआ है। इसका कारण? भूगोल। पलवल का मैदान निचला, जलवायु अधिक उष्ण और नदियों के करीब होने के कारण तापमान ठंड से बचा रहता है। वहीं, महेंद्रगढ़ का उच्च भू-आकृति और बंजर जमीन ठंड को जमा कर लेती है। डॉ. चंद्रमोहन, एक स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञ, बताते हैं: "ये अंतर सिर्फ एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि जीवन का अंतर है। एक गांव के बुजुर्ग अब दो चादरों में सो रहे हैं, जबकि पलवल के एक व्यापारी अभी भी बाहर बैठकर चाय पी रहा है।"
शीत लहर का दूसरा दौर: पश्चिमी विक्षोभ का असर
23-24 नवंबर के बाद जब पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ जाएगा, तो हवाएं उत्तर-पश्चिमी दिशा से आने लगेंगी। ये हवाएं उत्तरी हिमालय से लाई गई ठंड की हवाओं को दिल्ली और एनसीआर तक ले आएंगी। इसका मतलब: दोबारा शीत लहर। डॉ. खीचड़ कहते हैं, "ये पहली बार नहीं है, लेकिन अब ये ठंड और भी लंबी और गहरी होगी।" 26 नवंबर को उत्तरी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जो थोड़ी राहत दे सकती है — लेकिन उसके बाद फिर से सूखा और धुंध।
सुबह की धुंध: दुर्घटनाओं का खतरा
दृश्यता 200 मीटर से नीचे गिर चुकी है। एनसीआर और हरियाणा के हाईवे पर रात भर दुर्घटनाओं की संख्या 40% बढ़ गई है। एक ट्रक ड्राइवर ने बताया, "मैंने कभी ऐसा नहीं देखा — सुबह 6 बजे भी आगे की गाड़ी नहीं दिख रही थी।" अस्पतालों में धुंध के कारण हुई दुर्घटनाओं के मामले बढ़ रहे हैं। ये सिर्फ एक मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि एक जीवन-रक्षा की आवश्यकता है।
अगले सप्ताह क्या होगा?
27 नवंबर को विक्षोभ गुजर जाएगा, लेकिन धुंध घनी रहेगी। 28 नवंबर को न्यूनतम तापमान 6°C और 29 नवंबर को 5°C के निचले स्तर तक पहुंच सकता है। दिसंबर के पहले सप्ताह में बारिश की संभावना है — जो धुंध को धो सकती है, लेकिन उसके बाद फिर से ठंड लौटेगी। डॉ. चंद्रमोहन कहते हैं, "हम अब इस तरह की ठंड को नॉर्मल समझने लगे हैं। लेकिन ये नॉर्मल नहीं, बल्कि जलवायु बदलाव का एक लक्षण है।"
क्या बचाव के उपाय हैं?
कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने खेतिहर लोगों को अपनी फसलों को कवर करने की सलाह दी है। शहरी लोगों के लिए: सुबह 7 बजे तक बाहर न निकलें, मास्क पहनें, और गाड़ियों में धुंध के समय धीमी गति से चलाएं। अस्पतालों ने अस्थमा और श्वास संबंधी रोगियों के लिए विशेष चेतावनी जारी कर दी है।
Frequently Asked Questions
हरियाणा में तापमान 5°C तक क्यों गिर रहा है?
पश्चिमी विक्षोभ के बाद उत्तरी पश्चिमी हवाएं आ रही हैं, जो हिमालय से लाई गई ठंडी हवाओं को लेकर आ रही हैं। इन हवाओं के साथ नमी भी घुल गई है, जिससे रात के समय तापमान तेजी से गिर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह जलवायु परिवर्तन के कारण अब नियमित हो रहा है।
महेंद्रगढ़ और पलवल में तापमान में इतना अंतर क्यों है?
महेंद्रगढ़ की भूमि ऊंची और बंजर है, जिससे ठंड जमा हो जाती है। वहीं पलवल नदियों के करीब, निचले इलाके में है और जमीन नम रहती है — जो तापमान को थोड़ा ऊपर रखती है। यह भूगोलिक अंतर ही इन दोनों जिलों के बीच 8-10°C का अंतर बनाता है।
स्मोग क्या है और यह स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है?
स्मोग धुएं और धुंध का मिश्रण है, जिसमें PM2.5 और PM10 जैसे खतरनाक कण होते हैं। ये कण फेफड़ों में घुस जाते हैं और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और दिल की बीमारियों को बढ़ा सकते हैं। दिल्ली-एनसीआर के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में अब 200-250 के बीच आ रहा है — जो अस्वस्थ श्रेणी में आता है।
क्या बारिश स्मोग को खत्म कर देगी?
हां, बारिश स्मोग को धो सकती है। दिसंबर के पहले सप्ताह में बारिश की संभावना है, जो धूल और कणों को जमीन पर गिरा देगी। लेकिन बारिश के बाद भी ठंडी हवाएं बनी रहेंगी, इसलिए धुंध फिर से बन सकती है। ये एक छोटी राहत है, न कि इलाज।
किस उम्र के लोगों को सबसे अधिक खतरा है?
बुजुर्ग, बच्चे और जिनके पास श्वास संबंधी बीमारियां हैं, उन्हें सबसे अधिक खतरा है। ठंडी हवाएं श्वसन नलिकाओं को संकुचित कर देती हैं, और स्मोग के कण उन्हें और भी गहरा घुसाते हैं। अस्पतालों में इन दिनों अस्थमा के मामले 60% बढ़ गए हैं।
क्या ये ठंड और स्मोग अब हमेशा के लिए रहेगा?
अगर हम वाहनों के निकास, कृषि अपशिष्ट जलाने और उद्योगों के प्रदूषण को नियंत्रित नहीं करते, तो हर साल यही दृश्य दोहराएगा। ये अब सिर्फ मौसमी घटना नहीं, बल्कि एक जलवायु संकट है। जिस तरह हम गर्मी के लिए एसी का इस्तेमाल करते हैं, उसी तरह ठंड और धुंध के लिए भी नीतियां बनाने की जरूरत है।